गाँव की बिटिया बनी मिस इंडिया

कौशाम्बी  : यूपी के एक बेहद पिछड़े गाँव से ताल्लुक रखने वाली गाँव की एक बेटी  ने मिस इंडिया का खिताब का हासिल किया है | यूपी के  कौशाम्बी जिले के श्योरा गाँव  की इस बेटी ने दिल्ली में आयोजित डेलीवुड  मिस इंडिया में 49 शहरो से आई प्रतियोगियों को पछाड़कर  मिस इण्डिया के ताज पर कब्जा किया है । इलाहाबाद के  एम ऍन आई टी में शोध छात्रा कंचन की इस कामयाबी के बाद उसे अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौक़ा भी  मिला है । कंचन अमिताभ की फिल्म आँखे 2 से अपनी हॉलीवुड की नई पारी शुरू करेगी । अपनी इस कामयाबी से  इलाहाबाद के मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्राद्यौगिकी संस्थान की बायो टेक की शोध छात्रा कंचन विश्व कर्मा ने साबित कर दिया है की वह केवल तेज  दिमाग छात्रा ही नहीं बल्कि ब्यूटी विथ  द ब्रेन की भी हकदार है | कंचन ने दिल्ली में 4 जून को आयोजित डेली वुड मिस इंडिया 2016 का ताज हासिल किया है | डेलीवुड द्वारा आयोजित मिस इंडिया 2106 ख़िताब हासिल करने वाली इस  शोध छात्र  प्रतियोगिता में देश भर के 38 विभिन्न शहरो से 145 प्रतियोगियों ने भाग लिया इनमे से 49 ने फ़ाइनल में जगह बनायीं फ़ाइनल में इलाहाबाद के एमएनआईटी की शोध छात्रा प्रथम स्थान पर रही । कौशाम्बी जिले के एक   गाँव से ताल्लुक रखने वाली कंचन के पिता डॉ नेमचंद्र इंडियन  एयर फोर्स में ऑफिसर के पद पर चयनित होने के बाद कौशाम्बी से चंडीगढ़ आ गए और यही कंचन ने अपनी एजुकेशन हासिल की चंडीगढ़ से बीटेक किया और एम टेक करने के बाद इलाहाबाद के इसी  मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्राद्यौगिकी संस्थान में शोध की छात्रा थी तभी उसे ब्यूटी कम्पटीशन में हिस्सा लेना शुरू किया जिसका अगला पड़ाव उसका मिस इंडिया क्राउन का ताज है | कंचन की किस्मत यही नहीं रुकी इसी कामयाबी के साथ उसे अमिताभ बच्चन की आने वाली फिल्म आँखे 2 में काम करने का ऑफ़र मिला है | 
 
 ब्यूटी विथ ब्रेन के प्रेरणा उनके निदेशक पी चक्रवर्ती भी अपनी इस स्टूडेंट की कामयाबी पर बेहद खुश है | प्रोफ चक्रवर्ती का कहना है की"  कंचन उन गिनी  चुनी प्रतिभाओं प्रतिभाओं  में से है जो अपनी लगन से कुछ भी हासिल कर सकती है । " 
 कंचन अपनी इस कामयाबी के बाद भी अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ना चाहती वह पहले अपनी पढ़ाई पूरा करना चाहती है इसके बाद वह फिल्मो में अपना मुकाम बनाना चाहती है | कंचन ने अपनी मेहनत और ज़ज्बे से साबित कर दिया है की अगर इंसान के अगर काम का ज़ज्बा हो तो उसके लिए कुछ भी नामुनकिन नहीं है | गाँव की लाडली बिटिया ने साबित कर दिया है की देश के गाँवों की मिट्टी में प्रतिभाओं और खूबसूरती की कोई कमी नहीं है जरुरत है उन्हें तराशने की | 

अजय कुमार
कौशाम्बी
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