आम की बादशाहत के इज़हार में " मैंगो- फेस्टिवल "

 
फलो के बादशाह आम की बादशाहत आज भी कायम है | आज भी इसके शौकीनों की तादाद में लगातार इजाफा होता जा रहा है | अमरूद के शहर इलाहाबाद में इस बात तस्दीक कर गया  है  यहाँ आयोजित किया गया  " मैंगो फेस्टिवल "   | इस दो रोज़ा फेस्टिवल अाम महोत्सव मे देश भर के 11 राज्यो से अाये अाम किसानो की  अाम की 51 से अधिक प्रजातियाँ को अाम शौकीनों के  लिए रखा गया है जिसमे बाजी मारी फ्लोरिडा की आम की एक किस्म ने   | इलाहाबाद मे इस  मैंगो फेस्टिवल  है को  देखने के लिए अाम के शौकीनो  की भीड़ उमड़ पड़ी | वैसे तो इलाहाबाद की पहचान उसके इलाहाबादी अमरुद से है लेकिन  इलाहाबाद में लगे इस  मैंगो फेस्टिवल  में आम के शौकीनों की भारी भीड़ देखने को मिली | जिला प्रशासन और गैर सरकारी संस्था संचारी के सहयोग से अायोजित किए जा रहे इस महोत्सव मे सब कुछ अाम मय नज़र  था  | अाम महोत्सव का अागाज़ हुअा तो मुख्य अतिथि को फूलो की माला की जगह अाम के फलों का गुच्छा भेंट किया गया | अाम महोत्सव मे अाम की 51 किस्मों ने अपनी खूबसूरती का जलवा बिखेरा है जिसे देखने के लिए लोगो की भीड़ यहा देखने को मिली |  मैंगो फेस्टिवल का हीरो चुना गया  फ्लोरिडा का अाम " टोमी एटकिंस " जो दुनिया का सबसे अधिक गूदे वाला अाम है | इस अाम की खासियत यह है की यह बाहर से हरा लगता है लेकिन काटने पर् सेव जैसा लाल निकलता है | अाम महोत्सव मे दुसरा स्थान हासिल किया सेंसेशन प्रजाति के अाम ने कैनेडा की किस्म है | तीसरा स्थान हासिल किया इलाहाबाद के सुरखा अमरूद की तरह दिखने वाले सुरखा अाम " सुरखा झाखड़बागी " अाम ने | अाम को फलो का बादशाह  कहा गया है  | उर्दू और दुनिया की दूसरी जुबानो में भी इसी आम की  शान में कसीदे पढ़े गए है  जिसकी दीवानगी की एक झलक इस मैंगो फेस्टिवल में भी देखने को मिली  | आख़िरी दिन आम खाने की एक प्रतियोगिता भी रखी गई | 

रिपोर्ट - सलोनी गुप्ता   , इलाहाबाद
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